गुरुवार, 24 जून 2021

व्यंग्य : ज़िंदगी का कोका कोला


    फे बहुत देर से उदास बैठा हुआ था। जिले से नफे की उदासी बर्दाश्त नहीं हुई और उस उदासी का कारण जानने के लिए उसने नफे से पूछताछ शुरू की।

जिले : भाई नफे!

नफे : हाँ बोल भाई जिले!

जिले : आज इतना उदास क्यों है?

नफे : उदास होने का कारण जिंदगी का कोका कोला होना है।

जिले : ज़िंदगी का कोका कोला? भाई मैं कुछ समझा नहीं।

नफे : मतलब कि ज़िंदगी की ऐसी-तैसी हो रखी है।

जिले : अब ये ज़िंदगी की ऐसी-तैसी की जगह ज़िंदगी का कोका-कोला होना कहावत कब ईजाद हो गयी?

नफे : इस कहावत का जन्म कुछ दिन पहले ही हुआ है।

जिले : किसने जन्म दिया इस कहावत को?

नफे : दरअसल बात ये है कि पुर्तगाली सुपरस्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो के यूरोपीय चैम्पियनिशप में प्रेस कांफ्रेस के दौरान अपने सामने से कोका-कोला की बोतलों को एक तरफ खिसका कर पानी की बोतल को उठाया और पुर्तगाली भाषा में कहा 'अगुआ' मतलब पानी। ऐसा लग रहा था कि वह कोल्ड ड्रिंक्स के बजाय पानी को अपनाने की सलाह दे रहे थे।

जिले : रोनाल्डो ने सलाह तो अच्छी दी थी।

नफे : पर उस अच्छी सलाह का भुगतान कोका कोला कंपनी को भुगतना पड़ा।

जिले : वो कैसे?

नफे : वो ऐसे कि इस घटना कोका कोला कंपनी के शेयर इतनी तेजी से नीचे गिरे कि चार अरब डॉलरों का राम नाम सत्य हो गया।

जिले : एक ओर रोनाल्डो है जो कोका कोला के बजाय पानी पीने की सलाह देता है, दूसरी ओर हमारे देश के खिलाड़ी और एक्टर हैं जो कभी टीवी पर पान मसाला बेचते मिलेंगे तो कभी कोल्ड ड्रिंक या शराब के ब्रांड की वकालत करते मिलेंगे।

नफे : वो बेचारे भी करें तो क्या करें, उनकी ज़िंदगी का भी इन दिनों कोका कोला हो रखा है। इसलिए वे सब पान मसाले, कोल्ड ड्रिंक और शराब इत्यादि के विज्ञापनों के सहारे गुजर-बसर करने की कोशिश कर रहे हैं।

जिले - अरे, उन्हें कम से कम रोनाल्डो को देखकर कुछ सीख लेनी चाहिए। उसने पैसे का मोह न देखकर लोगों के स्वास्थ्य की परवाह कर कोका कोला के बजाय पानी पीने की सलाह दी। इसे उसकी महानता ही कहेंगे।

नफे : हम भारतीयों में ये ही तो कमी है कि हम किसी को भी एकदम से भगवान बना देते हैं।

जिले : भाई, आखिर तू कहना क्या चाहता है?

नफे : यही कि तू जिस रोनाल्डो की शान में कसीदे पढ़ रहा है, वही रोनाल्डो कभी कोका कोला का ब्रांड एम्बेसडर रह चुका है।

जिले : क्या बात कर रहा है?

नफे : हाँ भाई, बाद में कोका कोला की प्रतिस्पर्धी कंपनी पेप्सी के स्वामित्व वाली केएफसी का प्रचार भी किया और ब्राज़ील की एक बीयर कंपनी का भी ब्रांड एंबेसडर रहा है। इसके अलावा उसने एनर्जी ड्रिंक्स और हेल्थ ड्रिंक्स के नाम से बिकने वाले कई और उत्पादों के भी विज्ञापन किए हैं।

जिले : भाई, फिर ऐसी क्या वजह थी जो रोनाल्डो ने कोका कोला का ही कोका कोला कर डाला?

नफे : होगा कोई कारण जिनके कारण रोनाल्डो और कोका कोला कंपनी के आपसी संबंधों का कोका कोला हो गया हो।

जिले : हूँ, अच्छा अब तू ये बता कि तेरी ज़िंदगी का कैसे कोका कोला हो रखा है?

नफे : पिछले एक साल से सरकार ने इंक्रीमेंट दिया नहीं, बल्कि कोरोना रिलीफ के नाम पर कुछ न कुछ काट और लेती है। ऊपर से फ्रंटलाइन वर्कर बना रखा है वो अलग से। इसे ज़िंदगी का कोका कोला होना नहीं तो भला और क्या कहेंगे।

जिले : भाई, इस कोरोना काल में सिर्फ तेरा ही नहीं बल्कि पूरे संसार का कोका कोला हो रखा है। विश्व की अर्थव्यवस्था को चीनी ड्रैगन के नाजायज बेटे ने बिलकुल चौपट कर दिया है।

नफे : सही कहा।

जिले : भाई, अब तू ये सब बातें छोड़ और पीने के लिए कोई ठंडी चीज मँगवा ले, क्योंकि ये भेजा बहुत गरम हो चुका है। 

नफे : कोका कोला मँगवाना है क्या?

नफे : अरे नहीं भाई, उसे पीकर अपनी आंतों का कोका कोला नहीं करवाना। 

नफे : हा हा हा तो फिर ठंडी लस्सी तो चलेगी न?

जिले : चलेगी नहीं भाई दौड़ेगी।

गुरुवार, 17 जून 2021

व्यंग्य : लहर चालू आहे


    नफे को विचारों में खोया हुआ देख कर जिले ने उससे पूछा।

जिले - भाई नफे!

नफे - हाँ बोल भाई जिले!

जिले - और आजकल क्या चल रहा है?

नफे - आजकल लहर चल रही है।

जिले - अब तक तो मैंने फॉग, स्वैग वगैरह के चलने के बारे में ही सुना था, पर तूने तो नई बात बता दी। वैसे इस लहर के चलने के बारे में कुछ बता।

नफे - भाई, लहर तो अपने देश में कई सालों से चल रही है। अब तूने देखी नहीं तो इसमें भला लहर का क्या दोष है।

जिले - भाई, भूल हो गयी जो देख नहीं पाया। अब तू अपनी आँखों से दिखा दे न।

नफे - आजादी से पहले अपने देश में देशभक्ति की लहर चलनी शुरू हुई थी। इस लहर में अंग्रेजी सत्ता उखड़कर उड़ते-उड़ते अपने मूल स्थान पर जा पहुँची और इस देश को लूट कर ले जाए गए माल के ब्याज पर अंग्रेजों की अय्याशी अब तक जारी है।

जिले - अंग्रेजी सत्ता के जाने के बाद अपने देश में कौन सी लहर चली थी?

नफे - उसके बाद देश को कथित स्वतंत्रता दिलवाने वालों के सत्ता सुख भोगने की लहर चली, जिसमें आजादी की खातिर मर-मिटने वालों और उनके परिवारों को विवशता के आँसू बहाते हुए देशवासियों ने देखा।

जिले - मतलब कि जिन्होंने देश के लिए अपना सबकुछ लुटा दिया, वे और उनका परिवार आजादी के बाद लुटी-पिटी हालत में ही रहे। अच्छा उसके बाद कौन सी लहर आयी?

नफे - उसके बाद भारत के बहादुर लाल की कुछ दिनों के लिए लहर चली, जिसने पापी पड़ोसी देश को कुछ पलों के लिए काल के साक्षात दर्शन करवा दिए। 

जिले - पर देश के उस बहादुर लाल को सत्ता पिपासुओं ने साजिश के तहत काल के गाल के हवाले कर दिया गया। खैर, उसके बाद कौन सी लहर आयी?

नफे - उसके बाद इमरजेंसी की लहर आयी, जिसमें अच्छे-अच्छे सूरमा उड़ कर जेल की सलाखों के पीछे जाकर गिरे।

जिले - बाद में उनमें से कई सूरमाओं ने सत्ता का सुरमा लगा कर देश को जमकर चूना लगाया। नेक्स्ट प्लीज!

नफे - उसके बात सत्ता बदलाव की लहर चली। फिर सत्ता वापसी की लहर चली। फिर बड़े पेड़ के गिरने के बाद विध्वंसक प्रतिक्रिया की लहर चली। उसके बाद छोटी-मोटी लहरों के चलने का सिलसिला चलता रहा। फिर एक लहर ऐसी आयी जिससे देश और दुनिया हिल गयी।

जिले - भाई, बोलते जा, इन लहरों के इतिहास को सुनकर मन लहरा रहा है।

नफे - इस मजबूत लहर ने जाने कितनों की राजनीति की दुकानों को उड़ा कर समुद्र में ले जाकर डुबो दिया और उन दुकानदारों को छाती पीटकर रोते रहने को छोड़ दिया।

जिले - अब उनके बाकी दिन यूँ ही छाती पीटते हुए ही बीतेंगे। अब तू आगे की बता।

नफे - इस मजबूत लहर के बाद चीनी ड्रैगन की अवैध संतान की विध्वंसक लहरों का आगमन हुआ।

जिले - चीनी ड्रैगन की अवैध संतान की लहरें? भाई, मैं कुछ समझा नहीं।

नफे - चीनी ड्रैगन की अवैध संतान यानि कि कोरोना। इसकी अब तक दो लहरें दुनिया में मौत का तांडव मचा चुकी हैं।

जिले - सही कहा भाई, चीनी ड्रैगन की इस अवैध संतान ने दुनिया की ऐसी-तैसी कर डाली। सुन रहे हैं कि कुल मिलाकर इस मुएँ कोरोना की पाँच लहरें आयेंगीं। अब न जाने ये तीसरी लहर कब आएगी।

नफे - संभावना तो ये है कि अपने देश में इसकी तीसरी लहर जल्द ही आएगी।

जिले - तू इतने विश्वास के साथ कैसे कह सकता है?

नफे - तुझे हो न हो पर मुझे अपने देश के कुछ महान लोगों पर पूरा विश्वास है, कि वे सब मिलकर इस तीसरी लहर को जल्द ही ले आयेंगे।

जिले - वो भला कैसे?

नफे - इसके लिए उन्होंने तैयारी शुरु कर दी है। वे सब बिना मास्क के बिना बात के घर से बाहर घुमक्कड़ी का आनंद ले रहे हैं और सोशल डिस्टेन्सिंग की हत्या तो उन्होंने पहले ही उसका गला दबा कर दी है। 

जिले - भाई, मैं तो चला।

नफे - कहाँ को चला?

जिले - अगर ये महान लोग तीसरी लहर लाने की तैयारी शुरू कर चुके हैं, तो मैं भी जाकर इनसे बचने तैयारी आरंभ करता हूँ।

नफे - ईश्वर तेरी कोरोना से रक्षा करे।

जिले - भाई, ईश्वर सिर्फ मेरी ही नहीं बल्कि तेरी और सारी दुनिया की इस कोरोना से रक्षा करे।

नफे - एवमस्तु!
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