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सोमवार, 19 जुलाई 2021

बाल कविता : बारिश क्यों होती


छुटकी ने पूछा दादी से 

अम्मा एक बात बताओ

बारिश होती है क्यों

मुझको ये समझाओ

दादी बोलीं - सुन छुटकी

धरती माँ जब गुस्से से

बुरी तरह तपने लगतीं

और धरती माँ की संतानें 

उस ताप से जलने लगतीं

तब सभी जीव मिलकर 

प्रभु से गुहार लगाते

और प्रभु की आज्ञा पा

बादल जल संग आते

बादलों के शीतल जल से

धरती माँ शांत होती

तो समझ गयी न छुटकी 

बारिश क्यों है होती।

शुक्रवार, 16 जुलाई 2021

बाल कविता : दादी का चश्मा

दादी ने अपनी खातिर

नया एक चश्मा बनवाया 

दादी की प्यारी पोती को

वो चश्मा बहुत ही भाया

दादी ने ज्यों ही रखा चश्मा

पोती ने झट से उसे उठाया

दादी जैसी ही बनने को 

फट से उसे आँखों पे लगाया।

बुधवार, 14 जुलाई 2021

बाल कविता : छुटकी की उलझन



छुटकी बोली भैया से

भैया एक बात बताओ 

दिन में गर्मी रात में ठंडक 

होती क्यों समझाओ

भैया ने उसको समझाया

सूरज चाचा दिन भर

गुस्से से तपते रहते

उनके गुस्से से ही हम

दिन भर गर्मी सहते

रात को चंदा मामा आ

चांदनी मामी संग इठलाते

फिर दोनों प्रेम भाव से

 जग में ठंडक फैलाते।

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