रविवार, 23 फ़रवरी 2014

सुमित को मिला आगमन साहित्य सम्मान-2013

नॉएडा, उत्तर प्रदेश: आगमन साहित्य अकादमीहापुड़ द्वारा दिनांक 23 फरवरी, 2014 (रविवार) को अपरान्ह 2.30 बजे कार्ल हूबर स्कूलइंस्टीट्यूशनल एरियासेक्टर-62, नोएडा, उत्तर प्रदेश के सभागार में "लोकार्पण एवं सम्मान समारोह" का आयोजन किया गयाजिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ शायर पद्मश्री डॉ० गुलज़ार देहलवी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में दरभंगा (बिहार) से पधारे वरिष्ठ साहित्यकारविद्वान्चिंतक एवं मैथिली के लोकप्रिय गीतकार-जनकवि श्री रवीन्द्र नाथ ठाकुर तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ० अशोक मैत्रेय एवं मुम्बई से पधारे कविवर डा० विनोद भल्ला ने शिरकत की। इस अवसर पर सम्मान्य कवियोंपत्रकारोंअतिथियों एवं दर्शकों से खचाखच भरे सभागार में दिल्ली गान के लेखक सुमित प्रताप सिंह को अकादमी की ओर से श्री पवन जैन एवं डॉ० अशोक मैत्रेय द्वारा सम्मान-पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर "आगमन साहित्य सम्मान-2013" से सम्मानित किया गया। 

शनिवार, 22 फ़रवरी 2014

विश्व पुस्तक मेले में सुमित की व्यंग्यस्ते का लोकार्पण


दिल्ली व इटावा गान के लेखक युवा व्यंग्यकार सुमित प्रताप सिंह की पुस्तक “व्यंग्यस्ते” का लोकार्पण प्रगति मैदान, नई दिल्ली में चल रहे विश्व पुस्तक मेले में लेखक मंच पर व्यंग्य विधा पर प्रकाशित होनेवाली सुप्रसिद्ध पत्रिका "व्यंग्य यात्रा" के तत्वाधान में आयोजित किये गये कार्यक्रम में किया गया. इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे वरिष्ठ व्यंग्यकार शेरजंग गर्ग एवं विशिष्ट अथिति थे पदम श्री अशोक चक्रधर, वरिष्ठ व्यंग्यकार प्रदीप पन्त एवं डॉ. गिरिराज शरण अग्रवाल तथा वक्ता के रूप में उपस्थित थे कहानीकार सूरज प्रकाश एवं व्यंग्यकार अशोक आनंद. इस कार्यक्रम का संचालन कर रहे थे सुप्रसिद्ध व्यंग्यकार एवं व्यंग्य यात्रा के संपादक डॉ. प्रेम जनमेजय. इस अवसर पर सुमित ने बताया कि उनकी पुस्तक “व्यंग्यस्ते” समाज में फैली कुरीतियों, विद्रूपताओं, विसंगतियों एवं मूल्यहीनता इत्यादि को व्यंग्य का नमस्ते है. सुमित को लेखक मंच पर उपस्थित सभी विद्वानों ने उनकी नई पुस्तक हेतु बधाई व व्यंग्य में आगामी भविष्य हेतु शुभकामनाएँ दीं. 


"व्यंग्य यात्रा" द्वारा डॉ. प्रेम जनमेजय के नेतृत्व इस अवसर पर व्यंग्य पाठ का भी आयोजन किया गया. सुमित ने अपनी चिर-परिचित शैली में अपने व्यंग्य “एक पत्र मदिरा रानी के नाम” का पाठ किया, जिसे मंच पर आसीन विद्वजनों का आशीर्वाद मिला एवं वहाँ उपस्थित श्रोता गणों ने तालियों की गडगडाहट से सुमित का उत्साहवर्धन किया. ज्ञात हो कि सुमित की “व्यंग्यस्ते” नामक पुस्तक में पत्र शैली में 42 व्यंग्य प्रकाशित हुए हैं. सुमित की लेखन शैली से प्रभावित होकर अनेक लेखकों ने बीते दिनों इस शैली में व्यंग्य लिखने का प्रयास किया है. इस कार्यक्रम में नेशनल बुक ट्रस्ट के संपादक लालित्य ललित, व्यंग्यकार पवन चंदन, आई.एन.एस. मीडिया के संपादक प्रदीप महाजन, समाज सेवक अमित शर्मा, यश पब्लिकेशंस के शांति स्वरूप शर्मा, महिला व्यंग्यकार अर्चना चतुर्वेदी एवं प्रदीप शर्मा इत्यादि सुधीजन उपस्थित थे.
रिपोर्ट: संगीता सिंह तोमर 
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